Sunday, January 16, 2011

जॉब कार्डधारक मजदूरों के पास काम नहीं

केंद्र सरकार ने गांव के लोगों को रोजगार मुहैया कराने के लिए महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) शुरू की। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए धन की कोई कमी नहीं, कार्य उपलब्धता भी खूब है, पर उत्तर प्रदेश की तमाम ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जहां जॉबकार्ड धारकों के पास काम के लाले हैं। गोरखपुर जिले की दर्जनों ग्राम पंचायतों में तो मजदूरों का कार्ड ठेकेदार के पास जमा हैं। मनरेगा की यह तस्वीर सोशल आडिट में उजागर हुई है। सरकारी आकड़ों में जाब कार्ड धारकों को खूब रोजगार मिल रहा है। जिले में कुल 2.27 लाख जाब कार्ड धारकों के रोजगार उपलब्ध कराकर अब तक 71.06 करोड़ रुपये भुगतान किये जा चुके हैं। पिछले दो माह में लगभग 21 करोड़ रुपये जाब कार्ड धारकों पर खर्च हुए हैं। इसमें 43.94 लाख मानव दिवसों का सृजन कर 71,188 परिवारों को काम दिया गया है। इसमे से 70,839 बीपीएल परिवार हैं। इस तरह औसतन प्रति परिवार को 62 दिन रोजगार मिला है। इस सरकारी रिकार्ड के उलट बांसगांव ब्लाक की ग्राम पंचायत गुआर की तस्वीर है। इस ग्राम पंचायत की आबादी लगभग 1900 है और इसमें से लगभग 1800 अनुसूचित जाति के लोग हैं। यहां पिछले आठ महीने से एक-दो नहीं लगभग 400 जाब कार्ड धारकों को काम ही नहीं मिल रहा है। इसका खुलासा दो दिन पूर्व तब हुआ जब मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) हीरा लाल वहां सोशल आडिट करने पहुंचे। स्थिति देखकर वे हैरत में पड़ गये। प्रधान व जाब कार्ड धारकों को तलब किया तो पता चला कि काम हो भी तो क्या, वहां ग्राम पंचायत में तो कुछ करने को ही नहीं है। मुख्य विकास अधिकारी हीरा लाल ने मजदूरों को काम देने के लिए रास्ता तलाशा और दो लाभार्थियों की भीटे की जमीन का समतलीकरण करने को ही कार्य का हिस्सा बनाने को कहा। सभी ने इस पर सहमति दी लेकिन अब नया मामला फंस गया है। भीटे की जमीन तीन काश्तकारों के साझे में है और एक व्यक्ति समतलीकरण के लिए तैयार ही नहीं है। जाब कार्ड धारक जनार्दन, शंकर, राकेश, शामा का कहना है कि एक पोखरे की खुदाई का आश्वासन मिला था लेकिन सिर्फ आश्वासन ही रह गया। अब तो उसमें फसल भी बोयी जा चुकी है। ठेकेदार के पास है जाबकार्ड : महेश, पंचम, दीनदयाल ने बताया कि तमाम मजदूरों के जाब कार्ड ठेकेदार के पास जमा हैं। आठ माह पूर्व एक पोखरे में काम कराने वाले ठेकेदार ने कार्ड वापस दिया ही नहीं। ग्राम प्रधान का कहना है कि एक तालाब में काम बाकी है उसे एक सप्ताह में कराया जायेगा और कार्डधारकों को काम मिलेगा। कई ग्राम प्रधानों पर कार्रवाई : मुख्य विकास अधिकारी ने कहा, इस वित्त वर्ष में एक दर्जन ग्राम प्रधानों व पंचायत अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है। इसमें से सात ऐसे हैं जिन्होंने मनरेगा के कार्यो अथवा धन के भुगतान में गड़बड़ी की है।


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