प्राधिकरण की आबादी नियमावली के तहत 1997 तक किसानों को पांच प्रतिशत आबादी का प्लाट देने का कोई नियम नहीं था। इसके बाद इसमें संशोधन हुआ और जिस किसान की भूमि अधिग्रहित हुई उसे पांच प्रतिशत आबादी का प्लाट मिला। इसके साथ ही प्राधिकरण के आवासीय योजनाओं में किसानों को आरक्षित किया गया, लेकिन इसके बावजूद काफी संख्या में किसान प्लाट पाने से वांछित रह गए। प्राधिकरण के उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी नागेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि 1976 से 97 के बीच जिन किसानों की जमीन अधिग्रहण में ली गई और उन्हें भूखंड नहीं मिला है उनके लिए मकर संक्रांति के मौके पर आरक्षित स्कीम को बाजार में उतारा जा रहा है। 112 वर्गमीटर के इन प्लाट को नियोजित किया जा चुका है और उनकी संख्या 1200 के करीब है। सेक्टर-116 में यह योजना पूरी तरह आरक्षित होगी। इसके लिए प्राधिकरण अपने स्तर से किसानों की जानकारी हासिल करेगा।
इसका उद्देश्य उन कृषकों को लाभांवित करना है जिन्हें अभी तक प्राधिकरण किसी प्रकार की सुविधा नहीं दे पाया।
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