केंद्र ने नए साल पर की 17 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी,
पांच करोड़ से ज्यादा मजदूरों को होगा फायदा
मनरेगा कामगारों को नए साल का तोहफा देते हुए केंद्र सरकार ने उनकी दैनिक मजदूरी में इजाफा किया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री सीपी जोशी ने बृहस्पतिवार को इस अहम फैसले की घोषणा की।
उन्होंने बताया कि विभिन्न राज्यों में मनरेगा कामगारों के वेतन में 17 से 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो जाएगी और पांच करोड़ से ज्यादा लोगों को फायदा मिलेगा। मजदूरी की बढ़ी हुई दरें एक जनवरी से लागू मानी जाएंगी। अनुमान है कि इससे सरकारी खजाने पर तीन माह (जनवरी-मार्च 2011) की अवधि में साढ़े तीन हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
जोशी के अनुसार राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी), प्रधानमंत्री कार्यालय, वित्त मंत्रालय समेत तमाम संबद्ध विभागों से मंत्रणा के बाद मनरेगा के तहत मजदूरी बढ़ाने का फैसला लिया गया। इसका आधार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के कृषि मजदूरी को बनाया गया है। सीपीआई एग्रीकल्चर लेबर इंडेक्स की सालाना समीक्षा होती है जबकि मनरेगा के तहत निर्धारित न्यूनतम 100 रुपये मजदूरी की प्रति पांच साल पर समीक्षा होगी। एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी देते जोशी ने बताया कि सरकार लगभग छह माह पहले गठित सेन समिति की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। यदि इसमें मजदूरों के हक में बेहतर सिफारिशें दी जाती हैं तो उन्हें आगे चलकर मंजूर किया जा सकता है।
मौजूदा समय में चंडीगढ़, हरियाणा, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मिजोरम और गोवा ही ऐसे राज्य हैं जहां मनरेगा के तहत 100 रुपये से ज्यादा मजदूरी दी जाती है जबकि शेष राज्यों में दरें कम हैं।
किसको मिलेगा कितना
यूपी में मनरेगा कामगारों को मौजूदा 100 रुपये के मुकाबले 120 रुपये, उत्तराखंड 100 के मुकाबले 120, चंडीगढ़ 140 के मुकाबले 174, हरियाणा 141.02 के मुकाबले 179, हिमाचल प्रदेश 100 के मुकाबले 120, जम्मू-कश्मीर 100 के मुकाबले 121 और पंजाब में 100-105 रुपये के मुकाबले 124-130 रुपये रोजाना मिला करेंगे।
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