Friday, February 4, 2011

मनरेगा पर तय होगी अफसरों की जवाबदेही


उत्तर प्रदेश में मनरेगा को मनमाने ढंग से चला रहे कर्मचारियों व अधिकारियों पर अब नकेल डाली जाएगी। दायरे से बाहर निकले तो सजा तय है। राज्य सरकार मनरेगा के मजदूरों के अधिकारों के संरक्षण के लिए मनरेगा उत्तर प्रदेश उत्तरदायित्व नियमावली लाने जा रही है। जवाबदेही तय करने वाला यूपी पहला राज्य है। काम देने और भुगतान में हीलाहवाली पर एक हजार रुपये तक जुर्माना हो सकता है। संविदाकर्मी बर्खास्त भी हो सकते हैं। नियमावली के तहत सरकार करीब 50 हजार कर्मचारियों को 11 बिंदुओं के दायरे में बांधने जा रही है। इसके अलावा जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीएम) अपर जिला कार्यक्रम समन्वयक (सीडीओ) और संबंधित अन्य कर्मचारियों को भी जवाबदेह बनाए जाने का प्रस्ताव है। इसका ड्राफ्ट तैयार कर मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली हाई पावर कमेटी को सौंप दिया गया है। जल्द ही इसे मंत्रिमंडल के समक्ष पेश किया जाएगा। नियमावली के ड्राफ्ट में रोजगार के लिए प्राप्त आवेदन पत्र को स्वीकारने में हीलाहवाली के अलावा जॉब कार्ड बनाने में विलंब, आवेदन पत्र प्राप्त करने के 15 दिन में काम नहीं दिया जाना, काम दिए जाने के 15 दिन के भीतर भुगतान नहीं करना, अधिनियम के अनुरूप बेरोजगारी भत्ता न दिए जाने, कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाएं नहीं उपलब्ध कराए जाने और शिकायतें नहीं दर्ज करने को प्रमुखता से शामिल किया गया है।

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