Wednesday, February 9, 2011

पंजाब की 71 पंचायतों ने लिखा नहीं चाहिए शराब के ठेके


पंजाब में बढ़ती शराबखोरी के बीच कई गांवों ने शराब को नकारना शुरू कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि जागरूकता की यह बयार उस मालवा इलाके में बहने लगी है, जहां का पटियाला पेग मशहूर है। क्षेत्र के 71 गांवों की पंचायतों ने सरकार को लिखकर दिया है कि उनके यहां शराब ठेका न खोला जाए। सबसे अधिक जागरूकता मालवा के संगरूर जिले में सामने आई, जिसकी 44 पंचायतों ने आवेदन किए हैं। पंचायतों ने ठेका नहीं खोलने के प्रस्ताव पारित कर आबकारी विभाग को दिए हैं। विभाग ने कुछ पंचायतों के प्रतिनिधियों को बुलवा कर सुनवाई भी की कि आखिर उन्हें एतराज क्या है? विभाग को आशंका है कि कहीं इस सादगी के पीछे अफीम तस्करों या अवैध शराब कारोबारियों का हाथ तो नहीं। आबकारी आयुक्त वेणु प्रसाद बताते हैं कि पिछले साल ऐसी पंचायतों की संख्या 55 थी जो इस बार 71 हो गई। पिछले साल विभाग ने कुछ पंचायतों के आवेदन विभिन्न तर्क देकर खारिज कर दिए थे। संगरूर के एडवोकेट कमल आनंद के अनुसार, पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत ग्राम पंचायत प्रस्ताव पारित करे तो गांव से ठेका हटाया जा सकता है या फिर खुलने से ही रोका जा सकता है। सकरोदी गांव के सरपंच हरिंदर सिंह कहते हैं, अभी तो उनके पंच को आबकारी आयुक्त से आश्वासन मिला है। हमसे पूछा गया कि आप गांव का शराब ठेका क्यों बंद कराना चाहते हो? आपके गांव में तो अवैध शराब पकड़ी गई थी। मामला भी दर्ज है। हमने उनको बताया कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। हम तो बस इस बीमारी को ही दूर रखना चाहते हैं।


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