महंगाई के इस दौर में राशन दुकानों के माध्यम से गरीबों को और सस्ती दाल उपलब्ध कराने की तैयारी करने में सरकार जुट गई है। राशन दुकानों से दस रुपये की रियायत पर सबको एक किलो सस्ती दाल देने की पुरानी योजना इस साल 30 जून को समाप्त हो गई है। इसकी जगह खाद्य मंत्रालय नई योजना बना रहा है। इसके तहत अब सिर्फ गरीब परिवारों को ही रियायत का लाभ मिलेगा। यही नहीं, उनके लिए रियायत को 10 से बढ़ाकर 20 रुपये करने का प्रस्ताव है। खाद्य मंत्री केवी थॉमस ने बताया कि बीपीएल परिवारों को हर माह एक किलो दाल 20 रुपये की रियायती दर पर उपलब्ध कराने की योजना है। 2008 में महंगाई के चलते दालों के मूल्य सातवें आसमान पर पहुंच गए थे। उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से सरकार ने राशन दुकानों से लागत मूल्य से 10 रुपये सस्ती दाल सभी उपभोक्ताओं को बांटने की योजना शुरू की थी। नई योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। पहली योजना को संशोधित करते हुए इसका लाभ बीपीएल परिवारों तक सीमित किया जाएगा। मंत्रालय योजना पर आने वाले खर्च का आकलन कर रहा है। गरीबों को और सस्ती दाल बांटने वाली इस योजना के लिए आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति से मंजूरी लेनी होगी। पिछले साल सबको सस्ती दाल वाली योजना पर 300 करोड़ की सब्सिडी देनी पड़ी थी। सरकारी एजेंसियां पीईसी, एमएमटीसी, एसटीसी और नैफेड ही दालों का आयात कर संबंधित राज्यों को देती हैं।
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