नगर विकास मंत्री आजम खां ने नगरीय क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था में खामियों को कुबूल करते हुए कहा,इसे दुरुस्त करने को 35 हजार कर्मियों की नियुक्ति होगी। साथ ही सफाई की दोहरी प्रणाली की जांच करायी जाएगी। कूड़ा निस्तारण संयंत्र से बिजली उत्पादन का अनुबंध करने वाली कंपनियों के कामकाज का आंकलन भी होगा। बिजली नहीं बनाने पर अनुबंध रद होगा। आजम खां ने विधानसभा में सोमवार को नगरों में सफाई की खामियों के मामले में पूर्ववर्ती सरकार को भी कठघरे में खड़ा किया और आरोप लगाया कि एक लाख सफाई कर्मचारी नियुक्त करने का काम बसपा काल में रोक दिया गया जबकि सपा ने करीब 65 हजार नियुक्तियां कर दी थी। सतीश महाना ने कूड़ा निस्तारण योजना पर सवाल उठाते हुए कहा, ठेका लेने वाली कंपनी ने महंगी जमीनें व मोटी रकम ले ली परन्तु अनुबंध का कोई वादा पूरा नहीं किया। घरों, नर्सिंग होम अन्य प्रतिष्ठानों से वसूली भी हो रही है। आजम खां ने माना कि सफाई की दोहरी व्यवस्था खोट भरी है। जांच करा कर अनुबंध की शर्ते पूरी न करने पर कार्रवाई होगी। स्थाई सफाई कर्मचारी काम नहीं करते और एवजीदार से काम कराते है। संविदा नियुक्तियों में गोलमाल होने और स्थानीय जनप्रतिनिधि से सांठगांठ की बात भी मानी। उनका कहना था कि संविदा का नाम आते ही ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। सत्र समाप्ति के बाद व्यवस्था की समीक्षा कर राह तलाशेंगे। विधायकों की संस्तुति पर हैंडपंप नहीं : ग्राम्य विकास मंत्री अरविंद सिंह गोप ने कांग्रेस के मुकेश श्रीवास्तव के सवाल पर कहा, राज्य सरकार की विधायकों की संस्तुति पर इंडिया मार्का-2 हैंडपंप लगवाने की कोई योजना नहीं है। हैंडपम्प लगाने की योजना केंद्र पोषित ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के नियमों से संचालित होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 23.63 लाख इंडिया मार्का-2 हैंडपंप लगाए जा चुके है। नगर पंचायतों में अलग फल सब्जी मंडी नहीं : आजम खां ने भाजपा के अगयश रामसरन वर्मा के सवाल पर कहा, नगर पंचायतों में अलग से फल-सब्जी मंडी स्थापित करने की कोई योजना नहीं है। स्थानीय परिस्थिति व जरूरतों के अनुरूप मंडियां सड़क किनारे अस्थायी रूप से लगती है। आवश्यकता के अनुसार ही भर्ती : मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक सवाल के लिखित जवाब में कहा, प्रदेश में भर्ती पर रोक है, लेकिन जरूरत पाये जाने पर भर्तियां कर ली जाती है। विधानभवन से भूमिपथ निर्माण नहीं : कांग्रेस की रीता बहुगुणा के सवाल पर आजम खां ने बताया कि विधानभवन से दारुलशफा, सचिवालय, एनेक्सी, बापू भवन, राजभवन, रायल होटल चौराहा व हजरतगंज तक आवागमन के लिए भूमिगत पथ बनाने की कोई योजना विचाराधीन नहीं है।
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